(दरबार में राजा अपने सिंहासन पर बैठे हैं, मंत्रीगण और दरबारी मौजूद हैं। तभी एक आम आदमी गुस्से में अंदर आता है।) आम आदमी (गुस्से में, हाथ हिलाते हुए) – महाराज! न्याय चाहिए! बहुत अन्याय हो रहा है! राजा (गंभीर होकर) – शांत रहो, प्रजा वत्स! बताओ, क्या हुआ? आम आदमी (गुस्से में हाथ जोड़कर) – महाराज, सूरज ने हमें जीना मुश्किल कर दिया है! इतनी तेज़ गर्मी कि बाहर निकलो तो चप्पलें तक पिघल जाएं! मेरी फसलें सूख रही हैं, घर में बैठो तो पंखे भी गरम हवा फेंकते हैं! With Dream Machine AI